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बीए सेमेस्टर-5 पेपर-1 गृह विज्ञान

सरल प्रश्नोत्तर समूह

प्रकाशक : सरल प्रश्नोत्तर सीरीज प्रकाशित वर्ष : 2023
पृष्ठ :200
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 2782
आईएसबीएन :0

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बीए सेमेस्टर-5 पेपर-1 गृह विज्ञान - सरल प्रश्नोत्तर

प्रश्न- डिजिटल प्रिंटिंग (Digital Printing) के क्या-क्या लाभ होते हैं?

उत्तर -

कपड़ा कला की उत्पत्ति हजारों वर्ष पूर्व औद्योगिक कपड़ा निर्माताओं से हुई थी, उस समय पुरानी तकनीक तथा उत्कृष्ट रूप से विस्तृत कपड़े सांस्कृतिक और आर्थिक शक्ति का प्रतिनिधित्व करते थे। धीरे-धीरे समय के साथ, प्राचीन सूती मलमल के वस्त्र अधिक परिष्कृत और बुने हुए कपड़े बन गये। आर्टिसनल ब्लॉक प्रिंटिंग और पौधे से प्राप्त ब्लू इडिंगो, जो ग्रीको- रोमन युग के दौरान भारत के सबसे पहले ज्ञात निर्मित रंगों मे से एक था, तब से आधुनिक हस्त निर्मित रूझानों के रूप में फिर से सामने आ गया है। ये पांरपारिक प्रक्रियाएँ आकर्षक और जटिल दोनों हैं। डिजिटल टेक्सटाइल प्रिंटिंग तकनीक अन्य प्रकार की टेक्सटाइल प्रिंटिंग प्रौद्योगिकियों के बीच तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र है। डिजिटल प्रिंटिंग के कुछ लाभ निम्नलिखित हैं-

(i) उच्च रिजॉल्यूशन, लचीलापन तथा बढ़िया पैटर्न - डिजिटल तकनीक, पारपंरिक रोटरी स्क्रीन प्रिंटिंग की तुलना में बहुत कम जगह लेती है। इसके साथ ही इसमें कम स्याही का उपयोग होता है। डिजिटल प्रिंटिंग में स्याही के साथ ही श्रम भी कम ही लगता है। सब्लिमेशन, डिजिटल टेक्सटाइल में पानी की आवश्यकता भी नहीं होती है। डिजिटल प्रिंटिंग मं् लागत भी कम लगती है। डिजिटल प्रिंटिंग में रंग के साथ-साथ प्रिंट की सटीकता भी साफ सुथरी होती है। इसलिए यदि आप किसी छवि में कोई डिजाइन देख रहे हैं, तो आप निश्चित हो सकते हैं कि जब कपड़ा मुद्रित किया जायेगा तो कपड़े का रंग और प्रिंट बिल्कुल वैसा ही होगा, जैसा आपने देखा था। इसमें पैसा कम लगता है इसलिए आप कम खर्चा करके भी डिजिटल टेक्सटाइल प्रिंटिंग करवा सकते हैं। यह कम खर्चे में अच्छा परिणाम देती है इसलिए इसका चलन तीव्रता से बढ़ रहा है।

(ii) ऊर्जा तथा पानी की बचत - इसमें नये रंग को लगाने के लिए रोटरी स्क्रीन को धोने की जरूरत नहीं होती है। पारपंरिक प्रिंटिंग की तुलना में डिजिटल टेक्सटाइल में बहुत कम पानी का व्यय होता है। तथा इसमें बिजली की खपत भी बहुत कम होती है। इसके साथ ही यह स्क्रीन प्रिंटिंग की तुलना में बहुत कम स्याही का उपयोग करता है तथा यह अपशिष्ट को भी कम करता है। स्क्रीन प्रिंटिंग द्वारा निकलने वाले रासायनिक कचरे पर्यावरण के लिए हानिकारक होते हैं जबकि डिजिटल प्रिंटिंग द्वारा ऐसा कचरा नहीं निकलता है। इसलिए यह पर्यावरण के लिए अनुकूल होती है।

(iii) कम लागत (Less Cost) - डिजिटल प्रिंटिंग में स्क्रीन उत्कीर्णन और रंग पृथक्करण की कोई जरूरत नहीं होती है। इससे इसकी लागत में कमी आ जाती है और साथ ही मुद्रण प्रक्रिया चलने के दौरान प्रिंट हेड प्रदर्शन पर अधिक नियंत्रण पैरामीटर होते हैं।

(iv) कम नमूना लागत - डिजिटल प्रिंटिंग में अलग-अलग पैटर्न के लिए स्क्रीन बनाने और इसका परीक्षण करने की कोई आवश्यकता नहीं हैं। इसलिए छोटे आर्डर के लिए भी यह लागत प्रभावी है क्योंकि आप अपनी पसंद से किसी भी आकार या आयाम की सामग्री मुद्रित करवा सकते है। इसके द्वारा आप अगर एक मीटर के कपड़े पर छपाई करवाना चाहते हैं, तो यह भी संभव है। इसके द्वारा छोटे रनों की छपाई को भी अधिक प्रभावशाली ढंग से किया जा सकता है। यह छोटे कपड़ों पर भी छपाई की अनुमति देता है।

(v) अल्पकालिक वितरण - पारंपरिक स्क्रीन प्रिंटिंग में प्रत्येक समायोजन के लिए एक नई रोटरी स्क्रीन की आवश्यकता होती है। ये लीड समय की गति को धीमा कर देती है। जबकि डिजिटल प्रिंटिग में तेजी से नमूनाकरण और अल्पकालिक वितरण डिजाइन डिजिटल रूप में बनाये और मौके पर ही समायोजित किये जाते हैं।

(vi) स्टॉक कम होना या न होना - जो स्टॉक आप उत्पादित करते हैं उसे बेचने के बजाय ब्रांड मालिक उसका उत्पादन करे जो आप बेचते हैं।

(vii) कम बर्बादी - डिजिटल प्रिंटिंग में चीजों की बर्बादी कम होती है, इस प्रिंटिंग में उतनी ही सामग्री का उपयोग किया जाता है, जितनी आवश्यकता हो, बेकार का व्यय नहीं होता है। डिजिटल प्रिंटिंग में स्याही की बूँदें कपड़े पर मांग के अनुसार बहुत सटीक रूप से मुद्रित की जाती हैं, जबकि प्रिंटिंग के पारम्पारिक तरीके के लिए लंबे सेटअप समय के कारण कपड़े की बड़ी मात्रा की आवश्यकता होती है, इससे कपड़ा जरूरत से ज्यादा उपयोग हो जाता है। जबकि डिजिटल प्रिंटिंग छोटे तथा बड़े दोनों कपड़ों पर आसानी से हो जाती है, इसमें व्यय बहुत कम होता है।

(viii) असीमित दोहराव - आकार इसका आकार रोटरी स्क्रीन के व्यास तक सीमित नहीं होता है।

(ix) निकल मुक्त - डिजिटल प्रिंटिंग में कपड़ों पर स्क्रीन का कोई भी निकिल नहीं जमता है।

(x) कम पूँजी निवेश - डिजिटल प्रिंटिंग का व्यव्साय शुरू करने में कम पूँजी का निवेश करना पड़ता है। जबकि रोटरी स्क्रीन प्रिंटिंग उत्पादन मं  एक नियत निश्चित पूँजी का निवेश करना पड़ता है। डिजिटल प्रिंटिंग व्यवसाय को छोटे निवेश के साथ भी शुरू कर सकते हैं, इसके लिए अत्यधिक पूँजी को निवेशित करने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। छोटी पूँजी के साथ शुरूआत करके व्यवसाय बढ़ने के साथ इसका विस्तार करना संभव होता है। इस प्रकार कम पूँजी का निवेश करके डिजिटल प्रिंटिंग के व्यवसाय की शुरूआत की जा सकती है।

इस प्रकार आधुनिक युग में डिजिटल प्रिंटिंग की मांग निरन्तर बढ़ रही है तथा इसके कई लाभ होने की वजह से यह अधिक चलन में है। साथ ही साथ डिजिटल प्रिंटिंग में ऐसा कोई अपशिष्ट पदार्थ नहीं निकलता है जिससे हमारे पर्यावरण को कोई नुकसान पहुँचे। इसलिए यह पर्यावरण के लिए भी अनुकूल है।

 

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    अनुक्रम

  1. प्रश्न- विभिन्न प्रकार की बुनाइयों को विस्तार से समझाइए।
  2. प्रश्न- निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। 1. स्वीवेल बुनाई, 2. लीनो बुनाई।
  3. प्रश्न- वस्त्रों पर परिसज्जा एवं परिष्कृति से आप क्या समझती हैं? वस्त्रों पर परिसज्जा देना क्यों अनिवार्य है?
  4. प्रश्न- वस्त्रों पर परिष्कृति एवं परिसज्जा देने के ध्येय क्या हैं?
  5. प्रश्न- निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। (1) मरसीकरण (Mercercizing) (2) जल भेद्य (Water Proofing) (3) अज्वलनशील परिसज्जा (Fire Proofing) (4) एंटी-सेप्टिक परिसज्जा (Anti-septic Finish)
  6. प्रश्न- परिसज्जा-विधियों की जानकारी से क्या लाभ है?
  7. प्रश्न- विरंजन या ब्लीचिंग को विस्तापूर्वक समझाइये।
  8. प्रश्न- वस्त्रों की परिसज्जा (Finishing of Fabrics) का वर्गीकरण कीजिए।
  9. प्रश्न- कैलेण्डरिंग एवं टेण्टरिंग परिसज्जा से आप क्या समझते हैं?
  10. प्रश्न- सिंजिइंग पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
  11. प्रश्न- साइजिंग को समझाइये।
  12. प्रश्न- नेपिंग या रोयें उठाना पर टिप्पणी लिखिए।
  13. प्रश्न- निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखिए - i सेनफोराइजिंग व नक्काशी करना।
  14. प्रश्न- रसॉयल रिलीज फिनिश का सामान्य परिचय दीजिए।
  15. प्रश्न- परिसज्जा के आधार पर कपड़े कितने प्रकार के होते हैं?
  16. प्रश्न- कार्य के आधार पर परिसज्जा का वर्गीकरण कीजिए।
  17. प्रश्न- स्थायित्व के आधार पर परिसज्जा का वर्गीकरण कीजिए।
  18. प्रश्न- वस्त्रों की परिसज्जा (Finishing of Fabric) किसे कहते हैं? परिभाषित कीजिए।
  19. प्रश्न- स्काउअरिंग (Scouring) या स्वच्छ करना क्या होता है? संक्षिप्त में समझाइए |
  20. प्रश्न- कार्यात्मक परिसज्जा (Functional Finishes) किससे कहते हैं? संक्षिप्त में समझाइए।
  21. प्रश्न- रंगाई से आप क्या समझतीं हैं? रंगों के प्राकृतिक वर्गीकरण को संक्षेप में समझाइए एवं विभिन्न तन्तुओं हेतु उनकी उपयोगिता का वर्णन कीजिए।
  22. प्रश्न- वस्त्रोद्योग में रंगाई का क्या महत्व है? रंगों की प्राप्ति के विभिन्न स्रोतों का वर्णन कीजिए।
  23. प्रश्न- रंगने की विभिन्न प्रावस्थाओं का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
  24. प्रश्न- कपड़ों की घरेलू रंगाई की विधि की व्याख्या करें।
  25. प्रश्न- वस्त्रों की परिसज्जा रंगों द्वारा कैसे की जाती है? बांधकर रंगाई विधि का विस्तार से वर्णन कीजिए।
  26. प्रश्न- बाटिक रंगने की कौन-सी विधि है। इसे विस्तारपूर्वक लिखिए।
  27. प्रश्न- वस्त्र रंगाई की विभिन्न अवस्थाएँ कौन-कौन सी हैं? विस्तार से समझाइए।
  28. प्रश्न- वस्त्रों की रंगाई के समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
  29. प्रश्न- डाइरेक्ट रंग क्या हैं?
  30. प्रश्न- एजोइक रंग से आप क्या समझते हैं?
  31. प्रश्न- रंगाई के सिद्धान्त से आप क्या समझते हैं? संक्षिप्त में इसका वर्णन कीजिए।
  32. प्रश्न- प्राकृतिक डाई (Natural Dye) के लाभ तथा हानियाँ क्या-क्या होती हैं?
  33. प्रश्न- प्राकृतिक रंग (Natural Dyes) किसे कहते हैं?
  34. प्रश्न- प्राकृतिक डाई (Natural Dyes) के क्या-क्या उपयोग होते हैं?
  35. प्रश्न- छपाई की विभिन्न विधियों का वर्णन कीजिए।
  36. प्रश्न- इंकजेट (Inkjet) और डिजिटल (Digital) प्रिंटिंग क्या होती है? विस्तार से समझाइए?
  37. प्रश्न- डिजिटल प्रिंटिंग (Digital Printing) के क्या-क्या लाभ होते हैं?
  38. प्रश्न- रंगाई के बाद (After treatment of dye) वस्त्रों के रंग की जाँच किस प्रकार से की जाती है?
  39. प्रश्न- स्क्रीन प्रिटिंग के लाभ व हानियों का वर्णन कीजिए।
  40. प्रश्न- स्टेन्सिल छपाई का क्या आशय है। स्टेन्सिल छपाई के लाभ व हानियों का वर्णन कीजिए।
  41. प्रश्न- पॉलीक्रोमैटिक रंगाई प्रक्रिया के बारे में संक्षेप में बताइए।
  42. प्रश्न- ट्रांसफर प्रिंटिंग किसे कहते हैं? संक्षिप्त में समझाइए।
  43. प्रश्न- पॉलीक्रोमैटिक छपाई (Polychromatic Printing) क्या होती है? संक्षिप्त में समझाइए।
  44. प्रश्न- भारत की परम्परागत कढ़ाई कला के इतिहास पर संक्षेप में प्रकाश डालिए।
  45. प्रश्न- सिंध, कच्छ, काठियावाड़ और उत्तर प्रदेश की चिकन कढ़ाई पर संक्षेप में प्रकाश डालिए।
  46. प्रश्न- कर्नाटक की 'कसूती' कढ़ाई पर विस्तार से प्रकाश डालिए।
  47. प्रश्न- पंजाब की फुलकारी कशीदाकारी एवं बाग पर संक्षिप्त लेख लिखिए।
  48. प्रश्न- टिप्पणी लिखिए : (i) बंगाल की कांथा कढ़ाई (ii) कश्मीर की कशीदाकारी।
  49. प्रश्न- कच्छ, काठियावाड़ की कढ़ाई की क्या-क्या विशेषताएँ हैं? समझाइए।
  50. प्रश्न- कसूती कढ़ाई का विस्तृत रूप से उल्लेख करिए।
  51. प्रश्न- सांगानेरी (Sanganeri) छपाई का विस्तृत रूप से विवरण दीजिए।
  52. प्रश्न- कलमकारी' छपाई का विस्तृत रूप से वर्णन करिए।
  53. प्रश्न- मधुबनी चित्रकारी के प्रकार, इतिहास तथा इसकी विशेषताओं के बारे में बताईए।
  54. प्रश्न- उत्तर प्रदेश की चिकन कढ़ाई का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
  55. प्रश्न- जरदोजी कढ़ाई का संक्षिप्त परिचय दीजिए।
  56. प्रश्न- इकत शब्द का अर्थ, प्रकार तथा उपयोगिता बताइए।
  57. प्रश्न- पोचमपल्ली पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
  58. प्रश्न- बगरू (Bagru) छपाई का संक्षिप्त परिचय दीजिए।
  59. प्रश्न- कश्मीरी कालीन का संक्षिप्त रूप से परिचय दीजिए।
  60. प्रश्न- भारत के परम्परागत वस्त्रों पर संक्षिप्त में एक टिप्पणी लिखिए।
  61. प्रश्न- भारत के परम्परागत वस्त्रों का उनकी कला तथा स्थानों के संदर्भ में वर्णन कीजिए।
  62. प्रश्न- चन्देरी साड़ी का इतिहास व इसको बनाने की तकनीक बताइए।
  63. प्रश्न- हैदराबाद, बनारस और गुजरात के ब्रोकेड वस्त्रों की विवेचना कीजिए।
  64. प्रश्न- बाँधनी (टाई एण्ड डाई) का इतिहास, महत्व बताइए।
  65. प्रश्न- टाई एण्ड डाई को विस्तार से समझाइए |
  66. प्रश्न- कढ़ाई कला के लिए प्रसिद्ध नगरों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
  67. प्रश्न- पटोला वस्त्रों का निर्माण भारत के किन प्रदेशों में किया जाता है? पटोला वस्त्र निर्माण की तकनीक समझाइए।
  68. प्रश्न- औरंगाबाद के ब्रोकेड वस्त्रों पर टिप्पणी लिखिए।
  69. प्रश्न- गुजरात के प्रसिद्ध 'पटोला' वस्त्र पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
  70. प्रश्न- पुरुषों के वस्त्र खरीदते समय आप किन बातों का ध्यान रखेंगी? विस्तार से समझाइए।
  71. प्रश्न- वस्त्रों के चुनाव को प्रभावित करने वाले तत्वों का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
  72. प्रश्न- फैशन के आधार पर वस्त्रों के चुनाव को समझाइये।
  73. प्रश्न- परदे, ड्रेपरी एवं अपहोल्स्ट्री के वस्त्र चयन को बताइए।
  74. प्रश्न- वस्त्र निर्माण में काम आने वाले रेशों का चयन करते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
  75. प्रश्न- रेडीमेड (Readymade) कपड़ों के चुनाव में किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
  76. प्रश्न- अपहोल्सटरी के वस्त्रों का चुनाव करते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
  77. प्रश्न- गृहोपयोगी लिनन (Household linen) का चुनाव करते समय किन-किन बातों का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता पड़ती है?
  78. प्रश्न- व्यवसाय के आधार पर वस्त्रों के चयन को स्पष्ट कीजिए।
  79. प्रश्न- सूती वस्त्र गर्मी के मौसम के लिए सबसे उपयुक्त क्यों होते हैं? व्याख्या कीजिए।
  80. प्रश्न- अवसर के अनुकूल वस्त्रों का चयन किस प्रकार करते हैं?
  81. प्रश्न- मौसम के अनुसार वस्त्रों का चुनाव किस प्रकार करते हैं?
  82. प्रश्न- वस्त्रों का प्रयोजन ही वस्त्र चुनाव का आधार है। स्पष्ट कीजिए।
  83. प्रश्न- बच्चों हेतु वस्त्रों का चुनाव किस प्रकार करेंगी?
  84. प्रश्न- गृह उपयोगी वस्त्रों के चुनाव में ध्यान रखने योग्य बातें बताइए।
  85. प्रश्न- फैशन एवं बजट किस प्रकार वस्त्रों के चयन को प्रभावित करते हैं? समझाइये |
  86. प्रश्न- लिनन को पहचानने के लिए किन्ही दो परीक्षणों का वर्णन कीजिए।
  87. प्रश्न- ड्रेपरी के कपड़े का चुनाव कैसे करेंगे? इसका चुनाव करते समय किन-किन बातों पर विशेष ध्यान दिया जाता है?
  88. प्रश्न- वस्त्रों की सुरक्षा एवं उनके रख-रखाव के बारे में विस्तार से वर्णन कीजिए।
  89. प्रश्न- वस्त्रों की धुलाई के सामान्य सिद्धान्त लिखिए। विभिन्न वस्त्रों को धोने की विधियाँ भी लिखिए।
  90. प्रश्न- दाग धब्बे कितने वर्ग के होते हैं? इन्हें छुड़ाने के सामान्य निर्देशों को बताइये।
  91. प्रश्न- निम्नलिखित दागों को आप किस प्रकार छुड़ायेंगी - पान, जंग, चाय के दाग, हल्दी का दाग, स्याही का दाग, चीनी के धब्बे, कीचड़ के दाग आदि।
  92. प्रश्न- ड्राई धुलाई से आप क्या समझते हैं? गीली तथा शुष्क धुलाई में अन्तर बताइये।
  93. प्रश्न- वस्त्रों को किस प्रकार से संचयित किया जाता है, विस्तार से समझाइए।
  94. प्रश्न- वस्त्रों को घर पर धोने से क्या लाभ हैं?
  95. प्रश्न- धुलाई की कितनी विधियाँ होती है?
  96. प्रश्न- चिकनाई दूर करने वाले पदार्थों की क्रिया विधि बताइये।
  97. प्रश्न- शुष्क धुलाई के लाभ व हानियाँ लिखिए।
  98. प्रश्न- शुष्क धुलाई में प्रयुक्त सामग्री व इसकी प्रयोग विधि को संक्षेप में समझाइये?
  99. प्रश्न- धुलाई में प्रयुक्त होने वाले सहायक रिएजेन्ट के नाम लिखिये।
  100. प्रश्न- वस्त्रों को स्वच्छता से संचित करने का क्या महत्व है?
  101. प्रश्न- वस्त्रों को स्वच्छता से संचयित करने की विधि बताए।

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